कालसर्प दोष के प्रकार

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downloadकालसर्प-दोष या कालसर्प योग 288 प्रकार के है। क्योंकि 12 राशियों में 12 प्रकार का कालसर्प योग (12 x 12 = 144) तथा 12 लग्नों में 12 प्रकार कालसर्प योग (12 x 12 = 144) । दोनों को मिलाने से कुल 288 प्रकार का कालसर्प दोष होता है। इनमें से मुख्य 12 प्रकार के कालसर्प योग इस प्रकार हैं-

  1. अनंत कालसर्प योग – प्रथम भाव में राहु और सप्तम भाव में केतु हो।
  2. कुलिक कालसर्प योग – दूसरे भाव में राहु और आठवें भाव में केतु हो।
  3. वासुकि कालसर्प योग – तीसरे भाव में राहु और नवम भाव में केतु हो।
  4. शंखपाल कालसर्प योग – चतुर्थ भाव में राहु और दशम भाव में केतु हो।
  5. पद्म कालसर्प योग – पंचम भाव में राहु और एकादश भाव में केतु हो।
  6. महा पद्म कालसर्प योग – छठे भाव में राहु और द्वादश भाव में केतु हो।
  7. तक्षक कालसर्प योग – सप्तम भाव में राहु और प्रथम भाव में केतु हो।
  8. कर्कोटक कालसर्प योग – आठवें भाव में राहु और दूसरे भाव में केतु हो।
  9. शखनाद कालसर्प योग – नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो।
  10. शखनाद कालसर्प योग – नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो।
  11. विषाक्त कालसर्प योग – एकादश भाव में राहु और पंचम भाव में केतु हो।
  12. शेषनाग कालसर्प योग – द्वादश भाव में राहु और छठे भाव में केतु हो।