Infinite Load Articles

प्रभव मंथन

पुरुषों के लिए मर्यादा 'मातृवत् परदारेषु' अर्थात् पराई स्त्री को माता समझो। यह नीति कथन पुरुषों के लिए मर्यादा निर्धारित करता है। मर्यादा और अमर्यादा...

क्षिप्रा

भगवान महाकाल इस दिव्य नगरी में भाग्य विधाता तथा सम्पूर्ण विश्व के आराध्य हैं  तो माँ क्षिप्रा मोक्षदायिनी कहलाती हैं क्योंकि इसके पावन जल...

उज्जैयनी

भूतभावन महामृत्युंजय तीनों लोक (आकाश, पाताल और मृत्युलोक ) के अधिपति बाबा महाकालेश्वर की पावन नगरी उज्जयनी जिसकी ख्याति कालजयी अर्थात जहाँ के स्मरण...

श्री महाकालेश्वर

इस भूमण्डल के अधिपति, भूतों के राजा बाबा महाकाल जिनकी इच्छा के बिना इस पृथ्वी का संतुलित रहना असंभव हैं बाबा महाकाल जिनका बारह...

कालसर्प दोष के प्रकार

कालसर्प-दोष या कालसर्प योग 288 प्रकार के है। क्योंकि 12 राशियों में 12 प्रकार का कालसर्प योग (12 x 12 = 144) तथा 12...

कालसर्प दोष है क्या ?

कालसर्प दोष है क्या , कालसर्प दो शब्दों से मिलकर बना है-काल और सर्प। जब सूर्यादि सातों ग्रह राहु(सर्प मुख) और केतु(सर्प की पूंछ)...
- Advertisement -

MOST POPULAR

HOT NEWS

error: Content is protected !!