स्तन में लम्प

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satan 1स्तनों में लम्प होने के क्या कारण होते हैं?
स्तनों में लम्प हो जाने के अनेक कारण हैं। इनमें से कुछ कारण तो हानि विहीन होते हैं जबकि अन्य कुछ दर्द भरे अथवा खतरनाक भी हो सकते हैं। इसमें संक्रमण, चोट, कैंसरविहीन फोड़ा या कैंसर भी शामिल है।

स्तन में कैंसरविहीन फोड़े के क्या कारण होते हैं?
स्तन में कैंसरविहीन फोड़े में (1) फाइब्राडिनोमा (2) स्तन काइसटिस (3) फाइब्रोकाइसटिक रोग शामिल हैं।

क्या किशोरियों को स्तन का कैंसर हो सकता है?
हां, पर जो भी हो किशोरावस्था में यह बहुत ही कम पाया जाता है। दूसरी ओर हम कह सकते हैं कि जीवन में किसी भी समय स्तनों में लम्प हो सकते हैं।

किशोरावस्था में स्तनों में लम्प हो जाने के सामान्य कारण क्या हैं?
किशोरावस्था में आमतौर पर होने वाले स्तन लम्प निम्नलिखित है- (1) काइसटिसः प्रायः माहवारी से एक दम पहले ये काइसटिस बड़े हो जाते हैं, नरम बन जाते हैं और दर्द करते हैं, हो सकता है कि वे एक ही रात में दिखने लगे (2) फाइब्रोडिनोमास- ये भरे हुए, मुलायम एवं दृढ़ सुसाध्य लम्प जो कि किशोरावस्था के अन्त में या विशांति के आरम्भ में सामान्यतः होते हैं। ये दूसरे इस प्रकार के अति सामान्य सुसाध्य लम्प हैं जो महिलाओं को होते हैं और किसी भी आयु में हो सकते हैं।

स्तनपान न कराने वाली औरतों में स्तन पीड़ा का अति सामान्य कारण क्या है?
फाइब्रोकाइसटिक स्तन रोग ही स्तनपान न कराने वाली औरतों में स्तन पीड़ा का अति सामान्य कारण है। यह सुसाध्य स्थिति है जिसे कि स्तन का कैंसर मान बैठने की भूल नहीं करनी चाहिए।

किन महिलाओं में फाइब्रोकाइसटिक स्तन की स्थिति बनने की अधिक सम्भावना रहती है?
फाइब्रोकाइसटिक स्तन की स्थिति सामान्यतः 30 वर्ष या उसके अधिक आयु की औरतों को प्रभावित करती है।

क्या स्तनों से स्राव का होना प्राकृतिक है?
यदि स्राव में रक्त हो या पस जैसा हो तो वह संक्रमण या ट्यूमर के होने जैसी गम्भीर स्थिति का सूचक होता है। इसके लिए डाक्टर से परामर्श आवश्यक है।

महिला को पूरी तरह विश्वास कैसे होगा कि उसका लम्प कैंसर नहीं है?
पक्के विश्वास के बस एक ही तरीका है कि टिशु के सैम्पल (बायोप्सी) का टैस्ट करायें। बायोप्सी करने के भी कई ढंग हैं। कई बार, एक महीने सुई से किया जाता है (एफ एच ए)। एफ एच ए रक्त की जांच जैसे होता है कि एक सुई चुभाकर रक्त बाहर निकाला जाता है। लम्प की सही जगह का निर्धारण करने के लिए या तो लम्प को महसूसर करना होता है, अगर वह महसूस न हो पाये चो अल्ट्रासाउण्ड या मैमोग्राम करते हुए एफ एल ए किया जाता है।

स्तन कैंसर की आशंका किन कारणों से होती है?
आशंका वह है जब रोग लगने की सम्भावनाओं में वृद्धि होती है। अध्ययन के परिणामस्वरूप स्तन कैंसर की सम्भावना निम्नलिखित स्थितियों में बताई गई है। (1) स्तन का कैंसर बड़ी उम्र की औरतों को आमतौर पर होता है, 60 से ऊपर सम्भावना और भी बढ़ जाती है। (2) जिस महिला के एक स्तन में कैंसर हो, उसके दूसरे स्तन में भी होने की सम्भावना बढ़ जाती है। (3) यदि मां, बहन या बेटी को स्तन का कैंसर हो तो महिला को खतरा अधिक रहता है। (4) जिन औरतों का माहवारी चक्र 12 वर्ष की आयु से पहले शुरू हुआ हो उनको भी बड़ा खतरा रहता है। (5) जिन औरतों की कभी सन्तान न हुई हो (6) जिन औरतों ने जीवनभर कभी कामकाज न किया हो। (7) बहुत अधिक वजन वाली और अति गरिष्ठ भोजन करने वाली औरतों को खतरा रहता है।

लम्प की उपस्थिति को जल्द से जल्द जानने के लिए क्या कदम उठायें?
उसके लिए जरूरी है कि (1) महिला नियमित रूप से स्वयं स्तनों का परीक्षण करती रहे (2) मैमोग्राम करायें।

अपने आप स्तन परीक्षण कैसे किया जाता है?
अपने आप स्तन परीक्षण के पांच चरण हैं।

चरण 1 – कन्धों को सीधा करके और बाहों को नितम्बों पर रखते हुए अपने स्तनों को शीशे में देखना शुरू करें। आपको देखना है – (1) स्तन अपने सामान्य आकार, माप और रंग के हैं। (2) उनका आकार बराबर है – कहीं कोई विकास अथवा सूजन दिखाई न दे। यदि आपको निम्नलिखित कोई भी बदलाव नजर आये तो एकदम डाक्टर को बतायें। (1) त्वचा में कहीं गड्डे हो रहे हैं, सिकुड़न या फैलाव आ रहा है (2) निप्पल की जगह बदल गई है या अन्दर की ओर धस गया है (बाहर की ओर उभरे रहने की अपेक्षा) (3) लालिमा, कड़ापन, रैश या सूजन।

चरण 2 – अब अपनी बांह को ऊपर उठाकर उन्ही बदलावों को पुनः देखें।

चरण 3 – शीशे मे देखते देखते निप्पल को अंगुली और अंगुठे के बीच दबायें और निप्पल से होने वाले स्राव को परखें (वह दूध जैसा तरल पदार्थ या रक्त हो सकता है)

चरण 4 – अगले चरण में, आप लेटकर अपे स्तनों को महसूस करें, बायें सतन को जांचने के लिए बांये का और दायें स्तन को जांचने के लेए बांये हाथ को इस्तेमाल करें। हाथ की पहली कुछ अंगुलियों को सीधा रखकर और मिलाकर दृढ़ परन्तु कोमल स्पर्श का प्रयोग करें।

चरण 5 – अन्ततः खड़े होकर या बैठकर अपने स्तनों को जांचें। चौथे चरण में बताई गई प्रक्रिया से पूरे स्तन को भली भांति जांचे।

मैमोग्राम क्या होता है?
मैमोग्राम एक रेडियो डॉयग्नोस्टिक विधि है जिसमें महसूस किए जाने से भी पहले स्तन के लम्प को देखा जा सकता है।

इन्फैक्शन के कारण स्तन का लम्प कैसे हो जाता है?
स्तनपान कराने वाली महिलाओं में स्तन की इन्फैक्शन हो जाना विशेषकर सामान्य है। जब निप्पल की त्वाचा में घाव होता है या फट जाती है जैसा कि दूध पिलाने से हो जाता है तब उस घाव में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं जिसके परिणामस्वरूप पस बन जाता है। (पास की गहरी थैली) या ऊपर की त्वचा में इन्फैक्शन होने से उसमें लालिमा आ जाती है।